आगर-मालवा जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर चारों दिशाओं से श्मशान और कब्रिस्तान से घिरा हुआ है। लखुंदर नदी के किनारे स्थित इस मंदिर में तांत्रिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है।
मंदिर के गर्भगृह में मां तीन रूपों में विराजित हैं- मध्य में मां बगलामुखी, दाएं महालक्ष्मी और बाएं मां सरस्वती। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की सलाह पर पांडवों ने यहां मां की आराधना की और खोया हुआ राज्य वापस पाया।
गर्भगृह 3 करोड़ रुपए से अधिक के सोने और 65 लाख रुपए की चांदी व आभूषणों से दमक रहा है। मंदिर के ठीक सामने 80 फीट ऊंची दीपमाला और उत्तर में भैरव महाराज का स्थान है।